इस्लामी क्रांति के वरिष्ठ नेता ने तेहरान में क़तर नरेश शैख़ तमीम बिन हमद आले सानी और उनके साथ आए प्रतिनिधि मंडल से मुलाक़ात में कहा कि क्षेत्र की वर्तमान स्थिति क्षेत्रीय देशों के बीच पहले से भी अधिक परस्पर संबंधों की मज़बूती की मांग करती है और आवश्यकता इस बात की है कि विदेशियों के प्रोपेगैंडों से प्रभावित न हुआ जाए।
वरिष्ठ नेता ने ईरान और क़तर के मैत्रीपूर्ण राजनैतिक संबंधों की ओर संकेत करते हुए कहा कि दोनों देशों के आर्थिक संबंध इस प्रकार के नहीं हैं जिस स्तर पर राजनैतिक संबंध हैं इसीलिए संयुक्त मैदानों में ईरान और क़तर के संबंध पहले से अधिक विस्तृत होने चाहिए।
वरिष्ठ नेता ने कहा कि अलबत्ता कुछ देश विशेषकर जो दुनिया के उस कोने से इस क्षेत्र में आए हैं, क्षेत्र के देशों के बीच संबंधों में विस्तार को पसंद नहीं करते किन्तु इस बात का उनका देश से कोई नाता नहीं है और क्षेत्र के देश और राष्ट्र इस प्रकार के हस्तक्षेप और डिक्टेशन को सहन नहीं करेंगे।
क़तर नरेश शैख़ तमीम बिन हमद आले सानी ने भी वरिष्ठ नेता से मुलाक़ात पर अपनी प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि क्षेत्र इस समय कठिन हालात से गुज़र रहा है। उनका कहना था कि क्षेत्रीय सहयोग और संबंधों में विस्तार के संबंध में हम आपकी बातों से पूर्ण सहमत हैं और समझते हैं कि क्षेत्र के देशों के बीच समग्र वार्ताएं होनी चाहिए।